कविता का काम भी इन्ही पे छोड़ देंगें हम
जो काबिले तारीफ़ ये कविता न लिख सका
स्क्रीन फ़ोड़ देंगें, माऊस तोड़ देंगें हम
नववर्ष 2024 दो हज़ार चौबीस वर्ष की नई भोर का स्वागत करने खोल रही है निशा खिड़कियाँ प्राची की अब धीरे धीरे अगवानी का थाल सजाकर चंदन डीप जला...
9 comments:
लिखी कम्प्यूटर ने आपकी
काबिले तारीफ कविता आज,
हमारी टिप्पणी भी संग रहे
कौनो तरकीब करो ईजाद.
--यह तस्वीर भी कम्प्यूटर बाबू ने अच्छी बनाई है. बहुत मजाकिया टाईप के हैं आपके कम्प्यूटर कवि.
बढि़या है. आपकी कविता फोटोजेनिक देखकर अच्छा लगा.
माइक्रोसोफ्ट ने किया शुरू, टैक सपोर्ट अब साईकिल से।
राम प्रसाद ने काम सभाँला, सीधे देखो माईकिल से।।
राकेश जी, फोटु बड़ी शानदार लायें हैं।
Rakesh ji, kaun sa call center hai yeh? :-)
पैडल की ऊर्जा से चलने वाला लैपटॉप भी होता है?
माइक्रोसॉफ़्ट सभी का ख्याल रखता है शायद
काल सेंटर नहीं बपौती अब गुड़गांवा की पांडेजी
देहातों तक लैपटाप ने अपने फ़न को फ़ैलाया है
जब अधुनातनता पर भारत की है संदेह उठाता कोई
तब की हैं नूतन ईज़ादें, और जुगाड़ भी लगवाया है
वाह!राकेश जी क्या बात है
भई वाह ये हुई ना बात ! अब तो कोई समस्या ही नहीं होगी सब काम आसानी से हो जायेगें क्या बात है ! ! कुछ दिन के लिए उधार देना होगा आपको अपना लैपटॉप, देगें ना?
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