Tuesday, January 01, 2008

आपके लिये नव वर्ष

हर दिवस हो नये गीत सा छंदमय, सांझ बन कर गज़ल की रवानी रहे
रात डूबी हुई प्रीत की गंध में चांदनी की नई इक कहानी कहे
बात निशिगंध से मिल चमेली करे, औ’ भरे मोगरा बाँह कचनार को
ऐसी छवियों से सज कर उमगती हुई, इस नये वर्ष की ॠतु सुहानी रहे

मुट्ठियों में संवरने लगे आपकी, आपकी कल्पनाओं का विस्तार सब
स्वप्न हर, भोर में प्रश्न करने लगे, नैन में से निकल शिल्प होना है कब ?
इस नये वर्ष में जितने आयाम हैं सब सिमटते रहें आपके द्वार पर
कामना के सुमन की भरी आंजुरि, आपके पगकमल पे चढ़ाता हूँ अब

8 टिप्पणियाँ:

At 2:37 AM, Anonymous मीनाक्षी said...

आपको भी नव वर्ष की शुभकामनाएँ

 
At 3:11 AM, Blogger Dard Hindustani (पंकज अवधिया) said...

नव-वर्ष की हार्दिक शुभकामनाए।


आप सब का जीवन खुशियो से भर जाए।

 
At 8:58 AM, Blogger parul k said...

आपको भी…नव-वर्ष मंगलमय हो

 
At 9:49 AM, Blogger Pratyaksha said...

नव वर्ष शुभ हो मंगलमय हो

 
At 1:57 PM, Blogger Poonam said...

आपकी रचना के अनुरूप हो आपका नया साल ऐसी शुभकामना है

 
At 3:41 PM, Blogger नीरज गोस्वामी said...

बात निशिगंध से मिल चमेली करे, औ’ भरे मोगरा बाँह कचनार को
राकेश भाई कहाँ से खोज लाते हैं ऐसे जादुई शब्द. नव वर्ष पर इतने सुंदर शब्दों में शुभकामना आप ने दी है की मन तृप्त हो गया. आप को भी नव वर्ष की शुभकामनाएं. इश्वर से प्रार्थना है की हमेशा ऐसे ही शब्दों से फूल खिलते रहें और पाठकों को सुवासित करते रहें.
नीरज

 
At 7:53 PM, Anonymous Hindi said...

आप और आपके परिवार को नव-वर्ष की ढेरों सारी शुभकामना,और बधाई.

Hindi Sagar

 
At 2:15 AM, Blogger Mired Mirage said...

आपको भी नववर्ष की शुभकामनाएँ ।
घुघूती बासूती

 

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